विनोद टेक्सवर्ल्ड से निवेशक हुए निराश, फ्लैट लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट
नई दिल्ली, 17 सितंबर (हि.स.)। टेक्सटाइल सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी विनोद टेक्सवर्ल्ड लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने फ्लैट एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। लिस्टिंग के बाद हुई बिकवाल के कारण ये शेयर फिसल कर लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 94 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी उतार चढ़ाव के 94 रुपये के स्तर पर ही हुई।
फ्लैट लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण ये शेयर कुछ देर में ही फिसल कर 89.30 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर आ गए। हालांकि, खरीदारों ने कई बार लिवाली कर इस शेयर को सहारा देने की कोशिश की, लेकिन बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि इस शेयर की स्थिति में सुधार नहीं हो सका। पूरे दिन के कारोबार के बाद कंपनी के शेयर 89.30 रुपये के स्तर पर ही बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 4.70 रुपये यानी पांच प्रतिशत का नुकसान हो गया।
विनोद टेक्सवर्ल्ड का 42.83 करोड़ रुपये का आईपीओ 9 से 11 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.60 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 30 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन आया था, जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.91 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 45,56,400 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने मौजूदा प्लांट का विस्तार करने, पुराने कर्ज के बोझ को हल्का करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
विनोद टेक्सवर्ल्ड लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 5.49 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 9.23 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 10.41 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 271.65 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 335.74 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 342.96 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत तक कंपनी पर 47.01 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 66.28 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 70.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 11.56 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 20.80 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस शानदार बढ़त के साथ 31.20 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 23.16 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 32.40 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये उछल कर 42.81 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 12.30 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 20.96 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 22.83 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

