(संशोधित) स्टॉक मार्केट में टर्टलमिंट की कमजोर शुरुआत, घाटे में आईपीओ निवेशक

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(संशोधित) स्टॉक मार्केट में टर्टलमिंट की कमजोर शुरुआत, घाटे में आईपीओ निवेशक


नई दिल्ली, 29 जून (हि.स.)। टेक्नोलॉजी-बेस्ड इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म चलाने वाली कंपनी टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में गिरावट के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 152 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई में इसकी लिस्टिंग 10.39 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 136.20 रुपये के स्तर पर और एनएसई में 11.25 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 134.90 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली का सपोर्ट मिलने से ये शेयर उछल कर 144.95 रुपये तक गया।बिकवाली का दबाव बनने पर ये शेयर टूट कर 132 रुपये के स्तर तक गिर भी गया। दोपहर 2:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 135.67 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 16.33 रुपये यानी 10.74 प्रतिशत का नुकसान हो चुका था।

टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस का 882.67 करोड़ रुपये का आईपीओ 19 से 23 जून के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.24 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 0.55 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.11 गुना सब्सक्राइब हो सका था।

इस आईपीओ के तहत एक रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 660.72 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा 1.46 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी क्लाउड और सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने, लीज पेमेंट करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 288.18 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 193.35 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में 194.11 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 187.39 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 460.11 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 119.12 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 693.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 748.91 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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