सोटेफिन भारत ने निवेशकों को किया खुश, प्रीमियम लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट

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सोटेफिन भारत ने निवेशकों को किया खुश, प्रीमियम लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट


नई दिल्ली, 23 जुलाई (हि.स.)। ऑटोमेटेड कार पार्किंग सिस्टम बनाने वाली कंपनी सोटेफिन भारत के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूती के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 187 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 9.63 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 205 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर थोड़ी देर में ही उछल कर 215.25 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 28.25 रुपये यानी 15.11 प्रतिशत का फायदा हो गया।

इस कंपनी का 89.76 करोड़ रुपये का आईपीओ 16 से 20 जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 3.99 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 2.82 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 6.05 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 3.78 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 48 लाख नए शेयर बेचे गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी कोलकाता में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने, नए ऑफिस के परिसर को विकसित करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

सोटेफिन भारत की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 6.25 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 11.31 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 17.37 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 56.87 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 94.15 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को कुल 118.23 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 18.78 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 12.16 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 24.01 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 26.88 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 55.35 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 70.57 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 21.92 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 50.63 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 78.11 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 10.54 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 18.46 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 29.83 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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