स्टॉक मार्केट में ओम्नीटेक इंजीनियरिंग की निराशाजनक शुरुआत, घाटे में निवेशक

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स्टॉक मार्केट में ओम्नीटेक इंजीनियरिंग की निराशाजनक शुरुआत, घाटे में निवेशक


नई दिल्ली, 05 मार्च (हि.स.)। हाई-प्रिसिजन इंजीनियर्ड कंपोनेंट्स और असेंबली की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई करने वाली कंपनी ओम्नीटेक इंजीनियरिंग के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में डिस्काउंट एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 227 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे।

आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 9.70 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 205 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 11 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 202 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली का सपोर्ट मिलने पर ये शेयर 224.70 रुपये के स्तर तक पहुंचा, वहीं बिकवाली का दबाव बनने ये वापस 202 रुपये के स्तर तक गिर गया। पूरे दिन के कारोबार के बाद कंपनी के शेयर 204.93 रुपये के स्तर पर बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 22.07 रुपये प्रति शेयर यानी 9.72 प्रतिशत का नुकसान हो गया।

ओम्नीटेक इंजीनियरिंग का 583 करोड़ रुपये का आईपीओ 25 से 27 फरवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.20 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन तीन गुना सब्सक्राइब हुआ था। नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 0.77 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सिर्फ 0.35 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 2,56,85,062 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें 1,84,16,340 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि 72,68,722 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 32.29 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 18.91 करोड़ रुपये हो गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी शुद्ध लाभ उछल कर 43.87 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 27.78 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी आमतौर पर बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 183.71 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में मामूली गिरावट के साथ 181.95 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 349.71 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 236.69 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इस अवधि में कंपनी के कर्ज में लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 88.81 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 230.49 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 330.63 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 382.91 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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