(अपडेट) कमजोर शुरुआत के बाद रिकवर करने में सफल रहे मणिपाल पेमेंट के शेयर, मामूली मुनाफे में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली, 17 सितंबर (हि.स.)। देश की सबसे बड़ी बैंकिंग और स्मार्ट कार्ड निर्माता कंपनियों में से एक मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में गिरावट के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 339 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 2.06 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 332 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 2.65 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 330 रुपये के स्तर पर हुई।
कमजोर लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बनने पर ये शेयर फिसल कर 316 रुपये तक गिर गए। खरीदारों की ओर से लिवाली का सपोर्ट मिलने पर ये शेयर सुधर कर 350 रुपये के स्तर तक भी पहुंचे। पूरे दिन के कारोबार के बाद ये शेयर 345.75 रुपये के स्तर पर बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 6.75 रुपये यानी 1.99 प्रतिशत के फायदे में रहे।
इस कंपनी का 805 करोड़ रुपये का आईपीओ 9 से 11 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.26 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.16 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.21 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.14 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 2 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,37,46,313 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 320 करोड़ रुपये के 94,39,528 नए शेयर जारी किये गए हैं, जबकि लगभग 485 करोड़ रुपये के 1,43,06,785 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 249.17 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 282.21 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ फिसल कर 253.46 करोड़ रुपये हो गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,267.97 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,277.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की राजस्व प्राप्ति उछल कर 1,356.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का लगभग खत्म होने की स्थिति में आ गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 449.47 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 472.87 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ काफी कम होकर 42 लाख रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 48.25 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 262.89 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये उछल कर 747.43 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 405.05 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 619.70 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 1,107.34 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
अगर कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें, तो 2023-24 में ये 355.57 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 408.77 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 455.83 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

