मणिलम इंडस्ट्रीज ने आईपीओ निवेशकों को दिया झटका, कमजोर लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट

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मणिलम इंडस्ट्रीज ने आईपीओ निवेशकों को दिया झटका, कमजोर लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट


नई दिल्ली, 27 फरवरी (हि.स.)। डेकोरेटिव लैमिनेट्स और प्लाईवुड का निर्माण करने वाली कंपनी मणिलम इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जबरदस्त गिरावट के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 69 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 20 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 55.20 रुपये के स्तर पर हुई। कमजोर लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण यह शेयर गिर कर 52.45 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गया और उसी स्तर पर बंद हुआ। इस तरह पहले दिन की कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 16.55 रुपये यानी 23.99 प्रतिशत का नुकसान हो गया।

मणिलम इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड का 39.95 करोड़ रुपये का आईपीओ 20 से 24 फरवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 6.25 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 2.24 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 12.49 गुना सब्सक्रिप्शन आ पाया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 5.88 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 30 करोड़ रुपये के 44,06,000 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 10,92,000 शेयर बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयर की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.53 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 3.10 करोड़ रुपये हो और इसके अगले साल 2024-25 में उछल कर 7.38 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 3.16 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 148.82 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 138.04 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2024-25 में उछल कर 142.16 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 60.53 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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