मजबूत शुरुआत के बाद फिसले एलसीसी प्रोजेक्ट्स के शेयर, लोअर सर्किट लगने के बावजूद मुनाफे में आईपीओ निवेशक

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मजबूत शुरुआत के बाद फिसले एलसीसी प्रोजेक्ट्स के शेयर, लोअर सर्किट लगने के बावजूद मुनाफे में आईपीओ निवेशक


नई दिल्ली, 17 सितंबर (हि.स.)। सिंचाई और वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट्स के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन सर्विस देने वाली कंपनी एलसीसी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत लिस्टिंग के साथ शुरुआत की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 146 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 31.44 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 191.90 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 29.45 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 189 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली शुरू हो गई, जिसकी वजह से कुछ देर बाद ही ये शेयर फिसल कर 172.75 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर आ गया। हालांकि, लोअर सर्किट के बावजूद कंपनी के आईपीओ निवेशक मनाफे में रहे। पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक लोअर सर्किट के बावजूद प्रति शेयर 26.75 रुपये यानी 18.32 प्रतिशत के फायदे में रहे।

इस कंपनी का 427.14 करोड़ रुपये का आईपीओ 9 से 11 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 49.57 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 78.73 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 64.91गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 26.34 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,92,56,232 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 258 करोड़ रुपये के 1,76,71,232 नए शेयर जारी किये गए हैं, जबकि लगभग 169 करोड़ रुपये के 1,15,85,000 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नए इक्विपमेंट्स की खरीदारी करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को हल्का करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

एलसीसी प्रोजेक्ट्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 122 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 223.63 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 286.44 करोड़ रुपये हो गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 2,449.79 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2,941.01 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 3,639.45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ भी लगातार बढ़ता चला गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 422.30 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 649.55 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 860.65 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 348.83 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 468.99 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में 752.41 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 382.83 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 604.99 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 888.41 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 241.37 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 401.04 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 519.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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