स्टॉक मार्केट में कनोहर इलेक्ट्रिकल्स की मजबूत शुरुआत, मुनाफे में आईपीओ निवेशक

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स्टॉक मार्केट में कनोहर इलेक्ट्रिकल्स की मजबूत शुरुआत, मुनाफे में आईपीओ निवेशक


नई दिल्ली, 16 सितंबर (हि.स.)। उच्च क्षमता वाले इलेक्ट्रिक ट्रासफॉर्मर बनाने वाली कंपनी कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 632 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 6.33 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 672.05 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 8.39 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 685.50 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 783.75 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण ये ऊपरी स्तर से नीचे गिर गया। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच सुबह 11 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 716.40 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 84.40 रुपये यानी 13.35 प्रतिशत का फायदा हो गया है।

इस कंपनी का 1,055.74 करोड़ रुपये का आईपीओ 8 से 10 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 90.59 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 215.37 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 87.74 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 20.51 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 2 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,67,04,750 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 300 करोड़ रुपये के 47,46,835 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 756 करोड़ रुपये के 1,19,57,915 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 17.76 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 65.12 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 129.73 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 281.12 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 457.30 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 662.86 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 42.08 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 32.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 39.04 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 174.11 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 239.12 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में 357.95 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 178.12 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 243.13 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 372.84 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 31.07 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 93.39 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 180.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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