इंजेक्टो पॉलिमर्स ने निवेशकों को दिया झटका, कमजोर लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट
नई दिल्ली, 21 सितंबर (हि.स.)। प्लास्टिक पैकेजिंग उत्पादों का निर्माण और प्लास्टिक ग्रैन्यूल्स तथा पीवीसी रेजिन की ट्रेडिंग करने वाली कंपनी इंजेक्टो पॉलिमर्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में डिस्काउंट एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को झटका दे दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 100 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग एक प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 99 रुपये के स्तर पर हुई।
कमजोर लिस्टिंग के बाद लिवाली का सपोर्ट मिलने पर ये शेयर उछल कर 100 रुपये के स्तर तक पहुंचा, लेकिन कुछ देर बाद ही बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण ये शेयर फिसल कर 94.25 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 5.75 रुपये यानी 5.75 प्रतिशत का नुकसान हो गया।
इस कंपनी का 56.12 करोड़ रुपये का आईपीओ 11 से 16 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.23 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.57 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.05 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.28 गुना सब्सक्राइब हो सका था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 56,12,400 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में एक और फेज जोड़ने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को हल्का करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
इंजेक्टो पॉलिमर्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 4.44 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 8.11 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 16.01 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 109.80 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 261.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 375.83 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 83.35 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 101.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 165.19 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 21.12 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 47.33 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 63.34 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 7.84 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 32.15 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस शानदार तेजी के साथ 48.16 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 12.35 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 22.57 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 38.04 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

