एवेंशंस ने शेयर बाजार में एंट्री के साथ ही निवेशकों की डुबाई पूंजी, कमजोर लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट
नई दिल्ली, 08 अक्टूबर (हि.स.)। इवेंट मैनेजमेंट और मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेन्स एंड एग्जीबिशन (माइस) सर्विस देने वाली कंपनी एवेंशंस लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने कमजोर शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 118 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 5.93 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 111 रुपये के स्तर पर हुई।
कमजोर लिस्टिंग के बाद निवेशकों ने बिकवाली कर अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से ये शेयर और गिरता चला गया। लगातार हो रही बिकवाली के कारण कुछ देर बाद ही ये शेयर लुढ़क कर 105.45 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक आ गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 12.55 रुपये यानी 10.64 प्रतिशत का नुकसान हो गया।
कंपनी का 38.12 करोड़ रुपये का आईपीओ 30 सितंबर से पांच अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 2.39 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 26.18 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 0.57 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.37 गुना सब्सक्राइब हो सका था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 32,30,400 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी सब्सिडियरी में निवेश करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को हल्का करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
एवेंशंस लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 3.29 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 5.13 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 7.72 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 87.29 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में मामूली बढ़त के साथ 88.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 100.62 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 2.01 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3.57 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 9.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की कुल संपत्ति के स्तर में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसकी कुल संपत्ति 29 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में मामूली गिरावट के साथ 23.77 करोड़ रुपये हो गई। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़ कर 50.63 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 4.72 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 9.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 9.18 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 4.73 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 9.86 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 18.13 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 4.13 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 7.09 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 10.19 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

