एड्रॉयट इंडस्ट्रीज की स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत, बंपर मुनाफे में आईपीओ निवेशक

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एड्रॉयट इंडस्ट्रीज की स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत, बंपर मुनाफे में आईपीओ निवेशक


नई दिल्ली, 30 सितंबर (हि.स.)। ऑटोमोटिव और नॉन ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए प्रोपेलर शाफ्ट और टॉक ट्रांसमिशन कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनी एड्रॉयट इंडस्ट्रीज (इंडिया) लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 134 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 86.60 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 250 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 75.37 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 235 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से इस शेयर की चाल में तेजी आ गई। लगातार हो रही लिवाली के कारण ये शेयर कुछ देर में ही एनएसई पर उछल कर 248.39 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 114.39 रुपये यानी 85.37 प्रतिशत का फायदा हो गया।

इस कंपनी का 150.71 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 से 25 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 176.85 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 195.04 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 323.35 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 99.81 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,12,47,000 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 133 करोड़ रुपये के 98.97 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 18 करोड़ रुपये के 13.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी मशीनरी और इक्विपमेंट्स की खरीदारी करने, पुराने कर्ज के बोझ को हल्का करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

एड्रॉयट इंडस्ट्रीज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 14.53 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 18.14 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 26.16 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 125.10 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 136.61 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 143.04 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 16.29 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 8.32 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ जबरदस्त उछाल के साथ 52.40 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 87.82 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 105.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 128.63 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 78.79 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस सामान्य उछाल के साथ 96.92 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 105.59 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 29.69 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 31.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 38.71 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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