एबीएच हेल्थकेयर की स्टॉक मार्केट में कमजोर शुरुआत, डिस्काउंट लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट

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एबीएच हेल्थकेयर की स्टॉक मार्केट में कमजोर शुरुआत, डिस्काउंट लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट


एबीएच हेल्थकेयर की स्टॉक मार्केट में कमजोर शुरुआत, डिस्काउंट लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट


नई दिल्ली, 01 सितंबर (हि.स.)। अनिल भागी हॉस्पिटल के नाम से हेल्थकेयर सर्विस देने वाली कंपनी एबीएच हेल्थकेयर के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में पहले कमजोर लिस्टिंग और बाद में लोअर सर्किट से अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 102 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 2.94 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 99 रुपये के स्तर पर हुई।

कमजोर लिस्टिंग से निराश निवेशकों को तब और झटका लगा, जब इसकी बिकवाली शुरू हो गई। लगातार हो रही बिक्री के कारण थोड़ी देर में ही ये शेयर गिर कर 94.05 रुपये के लोअर सर्किट पर पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों प्रति शेयर 7.95 रुपये यानी 7.79 प्रतिशत का नुकसान हो गया।

कंपनी का 34.98 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 से 27 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.44 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 8.37 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 0.29 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.69 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 34,29,600 नए शेयर जारी किए गए हैं। इसमें कोई ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) नहीं है। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नए अधिग्रहण करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ के खर्च की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

एबीएच हेल्थकेयर की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.66 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 5.35 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 5.64 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 41.39 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 49.32 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 52.59 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 30.59 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 33.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 45.75 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 6.30 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 11.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 17.27 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में इस मोर्चे पर मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 4.35 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 9.69 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस मामूली गिरावट के साथ 9.34 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 6.89 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 13.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 14.72 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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