(अपडेट) प्रीमियम लिस्टिंग के बाद फिसले ए-वन स्टील्स के शेयर, मामूली मुनाफे में आईपीओ निवेशक

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(अपडेट) प्रीमियम लिस्टिंग के बाद फिसले ए-वन स्टील्स के शेयर, मामूली मुनाफे में आईपीओ निवेशक


नई दिल्ली, 01 अक्टूबर (हि.स.)। मेटकॉक और सिलिकॉन मैंगनीज तथा फेरोसिलिकॉन जैसे इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी ए-वन स्टील्स इंडिया के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत करने के बाद अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। हालांकि, मुनाफा वसूली के दबाव के कारण निवेशकों की ये खुशी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 405 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 14.07 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 462 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 12.35 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 455 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 470 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण इसके भाव में गिरावट आ गई। बिकवाली के दबाव में ये शेयर लाल निशान में 393.70 रुपये के स्तर तक गिर गया। बाजार में पूरे दिन हुई खरीद बिक्री के बाद ये शेयर 417 रुपये के स्तर पर बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 12 रुपये यानी 2.96 प्रतिशत का फायदा हो गया।

इस कंपनी का 405 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 से 28 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 8.74 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 3.68 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 25.60 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 8.87 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व पोर्शन 0.78 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,00,03,990 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 355 करोड़ रुपये के 87,69,423 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 50 करोड़ रुपये के 12,34,567 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को हल्का करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

ए-वन स्टील्स इंडिया लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार-चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 38.91 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घटकर 7.71 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 127.41 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार-चढ़ाव देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 3,862.44 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में गिरावट के साथ 3,569.63 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 4,202.05 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 1,042.53 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घटकर 963.67 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ मामूली बढ़त के साथ 1,010.94 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी की कुल संपत्ति में भी इजाफा देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 में इसकी कुल संपत्ति 2,395.87 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में बढ़ कर 2,753.06 करोड़ रुपये हो गई। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़ कर 3,191.31 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 421.79 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 676.63 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 819.52 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 172.19 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 174.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 303.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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