दीपा ज्वेलर्स ने किया अपने आईपीओ का ऐलान, 1 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा पब्लिक इश्यू

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दीपा ज्वेलर्स ने किया अपने आईपीओ का ऐलान, 1 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा पब्लिक इश्यू


नई दिल्ली, 27 अगस्त (हि.स.)। त्योहारी सीजन की शुरुआत में ही ज्वेलरी सेक्टर की एक और बड़ी कंपनी दीपा ज्वेलर्स लिमिटेड ने अपने आईपीओ की लॉन्चिंग का ऐलान कर दिया है। इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 168 रुपये से लेकर 177 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 84 शेयर का है। इस इश्यू का साइज 459.72 करोड़ रुपये का है।

दीपा ज्वेलर्स का ये इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए एक सितंबर को खुलेगा। निवेशक इसमें तीन सितंबर तक बोली लगा सकेंगे। क्लोजिंग के बाद चार सिंतबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 07 सितंबर को अलॉटेड शेयर डिमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर आठ सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम-से-कम एक लॉट यानी 84 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,868 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,93,284 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,092 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत दो रुपये फेस वैल्यू वाले 2,59,72,633 शेयर जारी हो रहे हैं। इसमें लगभग 250 करोड़ रुपये के 1,41,24,293 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा करीब 210 करोड़ रुपये के 1,18,48,340 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जाएंगे।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए कम-से-कम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं, बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

दीपा ज्वेलर्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 24.35 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 40.58 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 104.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,025.73 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,400.10 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। जबकि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 1,927.73 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 77.93 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 80.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 111.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 92.55 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 133.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 238.07 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 88.45 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछल कर 129.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 221.67 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 35.77 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 56.01 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 146.34 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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