यजुर फाइबर्स का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च, 9 तक कर सकते हैं आवेदन
नई दिल्ली, 07 जनवरी (हि.स.)। फाइबर प्रोसेसिंग का काम करने वाली कंपनी यजुर फाइबर्स का 120.41 करोड़ रुपये का आईपीओ बुधवार को सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हो गया। इस आईपीओ में 9 जनवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 12 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 13 जनवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 14 जनवरी को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। आज शाम पांच बजे तक कंपनी के आईपीओ को 0.92 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 168 रुपये से लेकर 174 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 800 शेयर का है। यजुर फाइबर्स के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को 2 लॉट यानी 1,600 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,78,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 69,20,000 नए शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में मार्केट मेकर्स के लिए 5.01 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए सिर्फ 0.92 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 28.20 प्रतिशत हिस्सा और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए सबसे ज्यादा 65.87 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए हॉरिजन मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमएएस सर्विसेज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं गिरीराज स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 3.55 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 4.27 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 11.68 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 नवंबर 2025 तक कंपनी को 7.12 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 61.84 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 84.85 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 141.99 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 नवंबर 2025 तक कंपनी को 69.99 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी के कर्ज में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 34.78 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 26.17 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 66.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 नवंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 73.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इसी तरह कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 28.65 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 32.91 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस मामूली बढ़त के साथ 33.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 30 नवंबर 2025 तक ये 40.56 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 6.68 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 8.01 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 18.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 30 नवंबर 2025 तक ये 12.31 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

