विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हेकिल्स का आईपीओ लॉन्च, 9 तक लगा सकते हैं बोली
नई दिल्ली, 07 जनवरी (हि.स.)। इलेक्ट्रिक टू व्हीलर और थ्री व्हीलर बनाने वाली कंपनी विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हेकिल्स इंटरनेशनल का 34.56 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हो गया। इस आईपीओ में 9 जनवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 12 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 13 जनवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 14 जनवरी को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। आज शाम चार बजे तक कंपनी के आईपीओ को 0.35 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 41 रुपये प्रति शेयर का मूल्य तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 3,000 शेयर का है। विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हेकिल्स इंटरनेशनल लिमिटेड के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को 2 लॉट यानी 6,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,46,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 84,30,000 नए शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में मार्केट मेकर्स के लिए 5.02 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.51 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 47.47 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए कॉर्पविज एडवाइजर्स प्रा.लि. को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि मां शीतला सिक्योरिटीज प्रा.लि. को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं एलाक्रिटी सिक्योरिटीज लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 79 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 4.89 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 5.17 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में पहली छमाही के अंत यानी 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 1.62 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 52.14 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में थोड़ा कम होकर 48.76 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 51.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 16.90 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 2.90 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 5.30 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 9.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में सितंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 4.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 2.20 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 7.09 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस थोड़ा घट कर 7.04 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर 2025 तक ये 8.67 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.80 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.99 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 7.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 30 सितंबर 2025 तक ये 2.60 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

