सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ आर्मर सिक्योरिटी इंडिया का आईपीओ, 19 तक लगा सकते हैं बोली
नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। सिक्योरिटी सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनी आर्मर सिक्योरिटी इंडिया का 26.51 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 19 जनवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 20 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 21 जनवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 22 जनवरी को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 55 रुपये से लेकर 57 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। आर्मर सिक्योरिटी इंडिया के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,28,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 46.50 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए सिर्फ 0.99 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 46.88 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 47.10 प्रतिशत हिस्सा और मार्केट मेकर्स के लिए 5.03 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए सौभाग्या कैपिटल ऑप्शंस प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि स्काई लाइन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं एनएनएम सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 2.26 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.62 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 3.97 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 में कंपनी को 2.90 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 28.97 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 33.10 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 36.56 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 19.69 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी के कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 85 लाख रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1.80 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 4.69 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 6.01 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 3.48 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में घट कर 2.24 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 6.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत तक ये 9.12 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 3.12 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 3.67 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 4.97 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 के अंत तक ये 4.30 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

