एआई के दौर में लगातार नए कौशल सीखने पर ध्यान देने की जरूरत: डॉ. मांडविया

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एआई के दौर में लगातार नए कौशल सीखने पर ध्यान देने की जरूरत: डॉ. मांडविया


एआई के दौर में लगातार नए कौशल सीखने पर ध्यान देने की जरूरत: डॉ. मांडविया


एआई के दौर में लगातार नए कौशल सीखने पर ध्यान देने की जरूरत: डॉ. मांडविया


नई दिल्ली, 28 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने सोमवार को कृत्रिम मेधा (एआई) और नई प्रौद्योगिकी में बदलाव लाने की क्षमता का जिक्र करते हुए लगातार नये कौशल सीखने और भविष्य के लिए तैयार औद्योगिक संबंध प्रणाली की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि इससे उत्पादकता और कर्मचारियों की दक्षता, सुरक्षा और भागीदारी के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री ने नई दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और भारत के नियोक्ता महासंघ (ईएफआई) के द्वारा 'औद्योगिक संबंध और श्रम पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन' को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने आगे कहा कि सतत आर्थिक विकास के लिए उद्योग और कार्यबल को एक साझेदार के रूप में साथ-साथ प्रगति करनी होगी।

डॉ. मांडविया ने अपने संबोधन में बदलते समय और उभरती आर्थिक वास्तविकताओं के अनुरूप भारत के श्रम और सामाजिक सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री ने पिछले एक दशक में भारत की सामाजिक सुरक्षा कवरेज में विस्तार पर भी प्रकाश डाला, जो वर्ष 2015 में जनसंख्या के 19 फीसदी से बढ़कर आज 101 करोड़ लोगों, या जनसंख्या के 68 फीसदी तक पहुंच गई है, और इसे अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के द्वारा मान्यता प्राप्त है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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