देश की अर्थव्यवस्था की वृद्ध दर तीसरी तिमाही में 7.8 फीसदी रही
नई दिल्ली, 27 फरवरी (हि.स)। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 7.8 फीसदी रही। यह दूसरी तिमाही के 8.4 फीसदी से थोड़ी कम है, लेकिन बाजार के अनुमान से बेहतर है। इस बार जीडीपी की गणना बेस ईयर 2011-12 के बजाय 2022-23 के आधार पर की गई है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है। आंकड़ों के मुताबिक नई जीडीपी शृंखला के तहत देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 7.8 फीसदी रही। नई शृंखला के तहत जीडीपी ग्रोथ मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में 7.6 फीसदी रहने की उम्मीद है, जबकि पहले इसके 7.4 फीसदी रहने का अनुमान था।
आंकड़ों के मुताबिक इस नई सीरीज के हिसाब से तीसरी तिमाही में रियल जीडीपी 84.54 लाख करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 78.41 लाख करोड़ रुपये थी। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही की वृद्धि दर को संशोधित कर 8.4 फीसदी कर दिया गया है, जो पहले 8.2 फीसदी आंकी गई थी। हालांकि, अप्रैल-जून तिमाही की वृद्धि दर को 7.8 फीसदी से घटाकर 6.7 फीसदी कर दिया गया है।
जीडीपी के ये अनुमान नई राष्ट्रीय आय शृंखला के तहत जारी किए गए हैं। अब 2011-12 को आधार वर्ष मानने वाली पुरानी शृंखला की जगह 2022-23 को नया आधार वर्ष बनाया गया है। इसमें आर्थिक आंकड़ों को ज्यादा सटीक बनाने के लिए माल एवं सेवा कर, ई-वाहन और घरेलू सेवाओं के आंकड़े शामिल किए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

