शंघाई में हुई भारत-चीन बिजनेस राउंडटेबल, सतत सहयोग व नए व्यापारिक अवसरों हुई पर चर्चा
शंघाई, 31 मार्च (हि.स.)। चीन के शंघाई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने पंजाब, हरियाणा एवं दिल्ली चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के कॉर्पोरेट प्रतिनिधिमंडल के साथ एक उच्चस्तरीय बिजनेस राउंडटेबल का आयोजन किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करना और भारत-चीन के बीच सतत आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत की तेज आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डाला और कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है। उन्होंने युवा जनसंख्या को भारत के लिए एक बड़ी ताकत बताते हुए अंतरराष्ट्रीय निवेश और साझेदारी के व्यापक अवसरों का जिक्र किया।
माथुर ने नए और नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, कनेक्टिविटी एवं बुनियादी ढांचा विकास तथा सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों को “सनराइज सेक्टर” करार दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में भारतीय और वैश्विक कंपनियों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।
पीएचडीसीसीआई प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा विशेष रूप से शंघाई, झेजियांग और जियांगसू प्रांतों की प्रमुख कंपनियों के साथ मजबूत व्यापारिक संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
बैठक में तकनीकी साझेदारी, बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकें और नए व्यापारिक समझौतों पर विशेष जोर दिया गया। इस पहल से भारत की घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने के साथ-साथ वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” के लक्ष्य को गति मिलने की उम्मीद है।
राउंडटेबल में चीनी पक्ष की ओर से उच्चस्तरीय भागीदारी देखी गई। एचएसबीसी और डब्ल्यूयूएक्सआई टेक्नोलाजी डेवलपमेंट कार्पोरेशन समेत पूर्वी चीन की कई प्रमुख कंपनियों और वित्तीय संस्थानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इन कंपनियों ने भारत के उभरते उद्योगों और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने में अपनी गहरी रुचि व्यक्त की।
इसके अलावा यूरोपीय व्यापारिक समूहों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया और प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता से उत्पन्न होने वाले नए अवसरों पर अपने विचार रखे। उन्होंने वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को अधिक मजबूत और टिकाऊ बनाने में भारत की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया।
यह बिजनेस राउंडटेबल भारत की वैश्विक भागीदारों के साथ आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा सतत एवं समावेशी विकास को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है।
पीएचडीसीसीआई प्रतिनिधिमंडल के इस दौरे को भारत और चीन के बीच दीर्घकालिक व्यापारिक साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल 29 मार्च से 4 अप्रैल तक शंघाई और चीन के जियांग्सू प्रांत के दौरे पर है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पवन कुमार

