अमेरिकी शुल्क चुनौती के बीच सक्रिय वार्ता से समुद्री खाद्य उत्पादों के लिए खुला यूरोपीय बाजार: गोयल
नई दिल्ली/मुंबई, 10 मई (हि.स)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भारत ने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर समुद्री खाद्य उत्पादों के निर्यात के लिए उनका बाजार खुलवाया है। उन्होंने आगे कहा कि इससे देश को अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी शुल्कों से उत्पन्न चुनौतियों से उबरने में मदद मिली है।
गोयल ने यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने रुकावटों का पहले ही अंदाजा लगा लिया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय निर्यातकों के लिए वैकल्पिक बाजार सुरक्षित करने के लिए तेजी से कदम उठाए गए। गोयल ने बताया , हमारी सरकार 24 घंटे काम करती है। उन्होंने बताया कि अक्सर, कोई समस्या पैदा होने से पहले ही हम योजना बनाना और कार्रवाई करना शुरू कर देते हैं।
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारतीय समुद्री भोजन पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के अमेरिका के फैसले से निर्यात को बड़ा झटका लगा है और मछुआरों में निराशा फैल गई है। गोयल ने कहा कि भारत ने समुद्री भोजन का निर्यात के लिए अपना बाजार खोलने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ सक्रिय रूप से बातचीत की, जिससे देश को अमेरिका के ऊंचे टैरिफ से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने में मदद मिली है।
उन्होंने आगे बताया, ”जब अमेरिका ने भारतीय समुद्री खाद्य उत्पादों पर 50 फीसदी शुल्क लगाया, तो हमारे निर्यात को बड़ा नुकसान हुआ और मछुआरे बहुत परेशान थे। गोयल ने कहा कि केंद्र ने यूरोपीय संघ के साथ संपर्क कर और उन नियामक बाधाओं को दूर करके इसका जवाब दिया, जिन्होंने पहले भारतीय खेप को प्रतिबंधित कर दिया था।” उन्होंने कहा, ”हमने कड़ा रुख अपनाया और गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र का इस्तेमाल किया। आज 125 से भी अधिक भारतीय मत्स्य प्रतिष्ठान पंजीकृत हो चुके हैं।” उन्होंने आगे कहा कि इससे भारत को एक बड़े और स्थिर बाजार तक फिर से पहुंच बनाने में मदद मिली है।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इस रणनीतिक कदम के सकारात्मक परिणाम मिले हैं, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद पिछले साल समुद्री खाद्य निर्यात में लगभग 12-14 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के बाजार को खोलना बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि वहां आयात की भारी मांग है और वैश्विक व्यापार में इसका बड़ा महत्व है। बता दें कि पीयूष गोयल महाराष्ट्र के दौरे पर हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

