एचडीएफसी बैंक ने सीएसआर गतिविधियों पर खर्च किए 1,316 करोड़ रुपये
-बैंक ने सीएसआर गतिविधियों पर 2025-26 में 1,316 करोड़ रुपये किए खर्च
नई दिल्ली, 30 जुलाई (हि.स.)। निजी क्षेत्र के सबसे बड़े एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहलों पर 1,316.18 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। ये इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 से 248 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि है।
बैंक ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि उसने वित्त वर्ष 2025-26 में अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहल पर 1,316.18 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 23 फीसदी अधिक है। बैंक ने कहा कि उसकी सीएसआर पहल ‘परिवर्तन’ के माध्यम से अब तक 10.77 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
एचडीएफसी बैंक ने कहा कि अपने इस कार्यक्रम के तहत अब तक लगभग 7,492 करोड़ रुपये का संचयी निवेश किया गया है। इसके तहत सीएसआर पहल अब देश के सभी 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुंच चुकी हैं। बैंक के प्रमुख ‘समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम’ (एचआरडीपी) का दायरा बढ़कर देश के 11,000 से अधिक गांवों तक पहुंच गया है, जबकि एक वर्ष पहले यह 10,430 से अधिक गांवों में संचालित था।
बैंक ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान उसने दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में भी अपनी गतिविधियों का विस्तार किया और सीमा क्षेत्र के 498 गांवों तक अपनी पहुंच बढ़ाई, जबकि पिछले वित्त वर्ष यह संख्या 298 थी। यह पहल केंद्र सरकार के ‘बॉर्डर क्षेत्र विकास कार्यक्रम’ और ‘वाइब्रेंट ग्रामीण कार्यक्रम’ के तहत राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है।
एचडीएफसी बैंक के उप प्रबंध निदेशक कैजाद भड़ूचा ने कहा, ‘‘इस वर्ष एचआरडीपी को और मजबूत बनाने तथा सीमा क्षेत्र के गांवों तक पहुंच बढ़ाने के हमारे प्रयास इस प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं कि विकास की प्रक्रिया से कोई भी समुदाय वंचित न रहे। आगे भी हम इसी सोच के साथ काम करते रहेंगे कि विकास समावेशी, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर हो।”
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

