सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिए 20 हजार करोड़ की ऋण गारंटी योजना का शुभारंभ

WhatsApp Channel Join Now
सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिए 20 हजार करोड़ की ऋण गारंटी योजना का शुभारंभ


नई दिल्ली, 21 मार्च (हि.स)। केंद्र सरकार ने सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) के लिए 20 हजार करोड़ रुपये की ऋण गारंटी योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य वित्तीय संकट से जूझ रहे इस क्षेत्र में वित्त पोषण की कमी को दूर करना और ऋण प्रवाह को पुनर्जीवित करना है।

वित्त मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में बताया कि 20 मार्च को घोषित यह योजना बैंकों को माइक्रोफाइनांस संस्थानों (एमएफआई) को ज्यादा सक्रिय रूप से ऋण देने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है, जिसमें सरकार द्वारा समर्थित गारंटी कवर प्रदान किया जाएगा, जिससे इस तरह के ऋण से जुड़े जोखिम को कम किया जा सके।

मंत्रालय के मुताबिक इस योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) के जरिए ऋण गारंटी सहायता प्रदान करके सुक्ष्म वित्तीय संस्थानों को ऋण देने के लिए मजबूत करना है, इससे गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी-सूक्ष्म वित्तीय संस्थानों (एनबीएफसी-एमएफआई) को 20 हजार करोड़ रुपये तक के ऋण प्रवाह में वृद्धि होगी। अनुमान है कि इस योजना से लगभग 36 लाख एमएफआई उधारकर्ताओं को लाभ होगा।

इस योजना की प्रमुख विशेषताएं :-

पात्र उधारकर्ता:- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा समय-समय पर निर्धारित सूक्ष्म वित्त की नियामक परिभाषा के तक आने वाले मौजूदा या नए छोटे उधारकर्ता।

गारंटी कवरेज:- छोटे एनबीएफसी-एमएफआई/एमएफआई के लिए डिफ़ॉल्ट राशि का 80 फीसदी, मध्यम के लिए 75 फीसदी और बड़े एनबीएफसी-एमएफआई/एमएफआई के लिए फीसदी।

गारंटी शुल्क:- स्वीकृत राशि पर 0.50 फीसदी प्रति वर्ष (पहले वर्ष) और बकाया राशि पर (उसके बाद)।

ब्याज दर:- एमएलआई द्वारा एनबीएफसी-एमएफआई या एमएफआई को दिए गए ऋणों पर ईबीएलआर या एमसीएलआर + 2 फीसदी प्रति वर्ष तक सीमित है। छोटे उधारकर्ताओं को ऋण देते समय ये ऋणदाता ब्याज दर को पिछले 6 महीनों में औसत ऋण दर से 1 फीसदी कम तक सीमित रखेंगे।

यह योजना 30 जून, 2026 तक या 20 हजार करोड़ रुपये तक के ऋणों की गारंटी होने तक, जो भी पहले हो, मान्य है।

इस योजना का प्रभाव :-

यह योजना एमएफआई क्षेत्र में ऋण प्रवाह को बढ़ाने में सहायक होगी। अनुमान है कि इस योजना से एनबीएफसी-एमएफआई/एमएफआई द्वारा करीब 36 लाख छोटे उधारकर्ताओं को ऋण देने में सुविधा होगी।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक यह योजना आर्थिक रूप से सबसे निचले पायदान पर मौजूद लोगों को ऋण उपलब्ध कराकर सूक्ष्म वित्त वित्तीय समावेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एनबीएफसी-एमएफआई और एमएफआई सूक्ष्म वित्त ऋण व्यवसाय में प्रमुख भागीदार हैं। सूक्ष्म वित्त क्षेत्र में चल रहे वित्तीय संकट को देखते हुए, बैंकों द्वारा लघु वित्त संस्थानों को ऋण देने में कमी आई है, जिसके कारण छोटे लघु वित्त संस्थानों को ऋण प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। इस योजना का उद्देश्य ऋण देने वाली संस्थाओं को भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित सूक्ष्म वित्त की नियामक परिभाषा के तहत छोटे उधारकर्ताओं को ऋण देने के लिए एनबीएफसी-एमएफआई या एमएफआई को निधि उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित करना है।

-------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

Share this story