केंद्र ने पांच लाख टन गेहूं के आटे के निर्यात की दी अनुमति, अधिसूचना जारी
नई दिल्ली, 19 जनवरी (हि.स)। गेहूं उत्पादक किसानों और निर्यातकों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने गेहूं के आटे और उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात पर लगी रोक में ढील दी है। सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर 5 लाख टन गेहूं के आटे के निर्यात की अनुमति दे दी है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने इस संबंध में 16 जनवरी को जारी अधिसूचना में पांच लाख टन गेहूं के आटे और उससे संबंधित उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी है। डीजीएफटी ने गेहूं के आटे और उससे संबंधित उत्पादों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध में यह आंशिक ढील तीन साल से अधिक के अंतराल के बाद दी है। केंद्र सरकार ने साल 2022 में गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।
डीजीएफटी की जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 'गेहूं के आटे और संबंधित उत्पादों का निर्यात प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, मौजूदा नीतिगत शर्तों के अतिरिक्त 5 लाख टन तक गेहूं के आटे और संबंधित उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी गई है। अधिसूचना में कहा गया है कि जो आवेदक इस उत्पाद का निर्यात करना चाहते हैं, उन्हें महानिदेशालय से अनुमति लेनी होगी और इसके लिए अप्लाई करना होगा।
अधिसूचना के अनुसार पहले चरण के तहत इसके लिए आवेदन 21 जनवरी, 2026 से 31 जनवरी, 2026 तक दिए जा सकते हैं। इसमें कहा गया कि इसके बाद जब तक निर्यात की निर्धारित मात्रा उपलब्ध रहेगी, तब तक हर महीने के अंतिम दस दिनों के दौरान आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। निर्यात का यह अधिकार जारी होने की तारीख से छह महीने के लिए वैध होगा।
विदेश व्यापार महानिदेशालय के मुताबिक निर्यातक, आटा मिलें या प्रसंस्करण इकाइयां इसके लिए आवेदन कर सकती हैं। हालांकि, उनके पास वैध आईईसी (आयात निर्यात कोड) और एफएसएसएआई लाइसेंस होना चाहिए। निर्यात प्रसंस्करण इकाइयों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) के अलावा, ऐसे व्यापारी निर्यातक भी आवेदन कर सकते हैं जिनके पास वैध आईईसी और एफएसएसएआई लाइसेंस है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

