सोना और चांदी का आयात करने के लिए 17 बैंकों की लिस्ट जारी, लिस्ट में शामिल दो बैंकों को चांदी के आयात की अनुमति नहीं
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (हि.स.)। केंद्र सरकार ने देश के 15 बैंकों को 31 मार्च 2029 तक अंतरराष्ट्रीय बाजार से सोना और चांदी का आयात करने की अनुमति दी है। इन 15 बैंकों के अलावा दो बैंकों को सिर्फ सोना का आयात करने की अनुमति दी गई है। वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक पब्लिक नोटिस के जरिए सोना और चांदी का आयात करने के लिए अनुमति प्राप्त कुल 17 बैंकों की अपडेट लिस्ट जारी कर दी है।
डीजीएफटी की इस अपडेटेड लिस्ट में शामिल 17 बैंकों में से 15 बैंकों को सोना और चांदी दोनों चमकीली धातुओं का आयात करने की अनुमति दी गई है, जबकि दो बैंक सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाजार से सिर्फ सोने का ही आयात कर सकते हैं। इन्हें चांदी का आयात करने की अनुमति नहीं दी गई है।
इस अपडेटेड लिस्ट के अनुसार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, एक्सिस बैंक लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, यस बैंक लिमिटेड, इंडसइंड बैंक लिमिटेड, डॉयचे बैंक, फेडरल बैंक लिमिटेड, कोटक महिंद्रा बैंक, करूर वैश्य बैंक लिमिटेड, आरबीएल बैंक लिमिटेड और इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चाइना लिमिटेड को अंतरराष्ट्रीय बाजार से सोना और चांदी दोनों धातुओं का आयात करने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा यूनियन बैंक आफ इंडिया और एसबीईआर बैंक को अंतरराष्ट्रीय बाजार से सिर्फ सोना का आयात करने की अनुमति दी गई है। ये दोनों बैंक चांदी का आयात नहीं कर सकते हैं।
आपको बता दें कि भारत को सोना और चांदी दोनों चमकीली धातुओं की अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करना पड़ता है। इन दोनों चमकीली धातुओं के आयात को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार देश में काम कर रहे व्यवसायिक बैंकों को अधिकृत करती है। केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत होने वाले बैंकों के जरिए ही ज्वेलरी इंडस्ट्री और बुलियन मार्केट के लिए सोना और चांदी का आयात किया जा सकता है। सोना चांदी का आयात करने के लिए अधिकृत बैंकों की सूची जारी हो जाने के बाद ज्वेलरी इंडस्ट्री और बुलियन मार्केट को काफी सुविधा होती है, क्योंकि ऐसा हो जाने से उनके लिए डायरेक्ट इंपोर्ट चैनल तय हो जाता है और किसी भी बिचौलिए की भूमिका नहीं रह जाती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

