गोल्ड ईटीएफ एफओएफ पर लगी अस्थाई रोक, निवेशकों को नोटिस भेज कर दी गई जानकारी

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गोल्ड ईटीएफ एफओएफ पर लगी अस्थाई रोक, निवेशकों को नोटिस भेज कर दी गई जानकारी


नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (हि.स.)। देश में त्योहारी सीजन की शुरुआत में ही गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड्स (एफओएफ) पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी गई है। यह रोक आज से ही लागू हो गई है। मार्केट रेगुलेटर सेक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी)के निर्देशों के तहत देश के कई बड़े म्यूचुअल फंड हाउस ने यह कदम उठाया है। इसके संबंध में मौजूदा निवेशकों को नोटिस भेजकर जानकारी भी दे दी गई है।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार पाबंदी के बाद अब निवेशक इन म्यूचुअल फंड कंपनियों के गोल्ड ईटीएफ एफओएफ में नया एकमुश्त निवेश नहीं कर पाएंगे। इसके साथ ही इनमें नई एसआईपी की शुरुआत भी नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा मौजूदा एसआईपी में निवेश की राशि को बढ़ाने यानी टॉप-अप या स्टेप-अप करने पर भी अस्थाई रोक लगा दी गई है। कुछ फंड हाउसेंज ने तो नए सिस्टेमैटिक ट्रांसफर प्लान (एसटीपी) के रजिस्ट्रेशन और स्विच-इन लेनदेन को भी फिलहाल रोक कर दिया है।

गोल्ड ईटीएफ एफओएफ पर ये पाबंदी को लागू करने वाले प्रमुख म्यूचुअल फंडों में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एचडीएफसी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ, इनवेस्को इंडिया, डीएसपी, टाटा और श्रीराम म्यूचुअल फंड शामिल हैं। श्रीराम म्यूचुअल फंड ने एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के जरिए मिले सेबी के निर्देशों का हवाला देते हुए इस रोक की घोषणा की है। हालांकि इस अस्थाई रोक के पीछे की वजह का अभी खुलासा नहीं किया गया है।

वहीं, डीएसपी म्यूचुअल फंड ने साफ किया है कि 15 अक्टूबर को दोपहर तीन बजे के तय कट-ऑफ समय के बाद मिले सभी आवेदनों को खारिज किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में निवेशकों का पैसा उन्हें वापस लौटा दिया जाएगा। इसके अलावा कोटक महिंद्रा, यूटीआई और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड जैसी दिग्गज कंपनियों ने भी गोल्ड ईटीएफ में एक साथ भारी निवेश यानी बल्क सब्सक्रिप्शन को रोकने के लिए अलग से नोटिस जारी किए हैं।

उल्लेखनीय है कि गोल्ड ईटीएफ एफओएफ म्यूचुअल फंड की ऐसी योजनाएं हैं, जो निवेशकों से पैसा जुटाकर उसे सीधे गोल्ड ईटीएफ में निवेश करती हैं। निवेश पर लगी यह अस्थायी रोक दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों से ठीक पहले आई है। ये ऐसा समय है, जब भारतीय परिवारों में पारंपरिक रूप से सोने की मांग चरम पर होती है।

पिछले साल त्योहारी सीजन के दौरान शेयर बाजार से सुस्त रिटर्न मिलने के कारण सोने और चांदी के ईटीएफ में भारी निवेश देखा गया था, जबकि इस साल बाजार में सोने की मांग कुछ नरम रही है। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि भारत में सोने का आयात अगस्त के 230 करोड़ डॉलर से घट कर सितंबर महीने में 180 करोड़ डॉलर रह गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

Livevns.news Desk
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