ग्लास वॉल सिस्टम्स इंडिया का आईपीओ 8 सितंबर को खुलेगा, प्राइस बैंड 172-182 रुपये प्रति शेयर
नई दिल्ली, 03 सितंबर (हि.स.)। ग्लास वॉल सिस्टम्स (इंडिया) लिमिटेड का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) मंगलवार, 8 सितंबर को खुलेगा। इसमें निवेश करने के लिए निवेशक गुरुवार, 10 सितंबर 2026 तक बोली लगा सकते हैं। इसके लिए मूल्य का दायरा (प्राइस बैंड) 172-182 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
कंपनी ने गुरुवार को मुंबई मे आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि ग्लास वॉल सिस्टम्स (इंडिया) लिमिटेड का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए मंगलवार, 8 सितंबर, 2026 को खुलेगा और गुरुवार, 10 सितंबर को बंद होगा। कंपनी ने इसके लिए मूल्य का दायरा (प्राइस बैंड) 172-182 रुपये प्रति शेयर तय किया है।
ग्लास वॉल सिस्टम्स (इंडिया) लिमिटेड के अनुसार 2 रुपये अंकित मूल्य वाले इस इश्यू में निवेशक न्यूनतम 82 इक्विटी शेयरों के लिए और उसके बाद 82 इक्विटी शेयरों के गुणकों में बोली लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर 16 सितंबर, 2026 को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध किए जाने का प्रस्ताव है।
कंपनी के मुताबिक कुल इश्यूड, सबस्क्राइब और पेड-अप इक्विटी शेयर का कैपिटल 16,92,77,100 रुपये है, जो 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 8,46,38,550 इक्विटी शेयरों में बंटी हुई है। सार्वजनिक घोषणा के अनुसार यह आईपीओ 60 करोड़ रुपये तक के नए शेयर और 2.02 करोड़ शेयर की बिक्री पेशकश (ओएफएस) का मिश्रण होगा।
नए शेयर से प्राप्त राशि में से 50 करोड़ रुपये का इस्तेमाल महाराष्ट्र के विले भगाड़ स्थित कंपनी की इकाई में प्रस्तावित पिछड़े एकीकरण के तहत ग्लास प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने में किया जाएगा। शेष राशि का इस्तेमाल सामान्य कामकाज के लिए होगा।
ग्लास वॉल सिस्टम्स इंडिया लिमिटेड की योजना नए शेयरों से मिलने वाले लगभग 50 करोड़ रुपये (500 मिलियन रुपये) में से कुछ पैसों का इस्तेमाल कंपनी के विले भागड़ महाराष्ट्र वाली यूनिट में नया ग्लास प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के लिए करने की है। वहीं, बाकी बचे पैसों को कंपनी की सामान्य जरूरतों (जनरल कॉरपोरेट) पर खर्च किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2002 में स्थापित ग्लास वॉल सिस्टम्स (इंडिया) भवन के बाहरी हिस्से के लिए समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनी है। कंपनी का कारोबार भारत के अलावा अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बाजारों में भी है। इतना ही नहीं यह 2024 में रेवेन्यू के आधार पर कंपनी भारत की सबसे बड़ी फैसाड एक्सपोर्टर भी रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

