जीडीपी आंकड़े शुक्रवार को जारी किए जाएंगे, जीएसटी, ई-वाहन, घरेलू सेवाओं के आंकड़ों को किया जाएगा शामिल
- जीडीपी की नई श्रृंखला में जीएसटी, ई-वाहन, घरेलू सेवाओं के आंकड़े होंगे शामिल
नई दिल्ली, 26 फरवरी (हि.स)। सरकार आधार वर्ष 2022-23 के साथ सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की नई श्रृंखला शुक्रवार को जारी करेगी। नई श्रृंखला पर आधारित वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के जीडीपी आंकड़े जारी किए जाएंगे। इसमें आर्थिक आंकड़ों को अधिक सटीक बनाने के लिए माल एवं सेवा कर (जीएसटी), ई-वाहन और घरेलू सेवाओं के आंकड़े शामिल किए जाएंगे।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने नई श्रृंखला को लेकर बार-बार पूछे जाने वाले सवाल और उसके जवाब जारी किए हैं। इसके अनुसार अर्थव्यवस्था में वर्षों से हुए बदलाव को दर्शाने के लिए आधार वर्ष को समय-समय पर अद्यतन किया जाता रहा है। इसके तहत राष्ट्रीय लेखा का आधार वर्ष 2011-12 से संशोधित करके 2022-23 किया जा रहा है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय हर 5 साल में आंकड़ों की श्रृंखला को संशोधित करता है, लेकिन कोरोना महामारी और जीएसटी के लागू होने के कारण इसमें विलंब हुआ। पिछली श्रृंखला के आंकड़े दिसंबर, 2026 तक जारी होने की उम्मीद है। नई श्रृंखला में, वार्षिक असंगठित क्षेत्र उद्यम सर्वेक्षण और आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) जैसे नियमित वार्षिक सर्वेक्षणों का उपयोग करके वास्तविक स्तर के अनुमान तैयार किए जा रहे हैं। ये सर्वेक्षण घरेलू क्षेत्र की गतिशीलता को अधिक सटीक और नियमित रूप से मापेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यू) के अनुसार ई-वाहन पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग सड़क परिवहन सेवाओं से संबंधित निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) का अनुमान लगाने के लिए किया जाएगा। घरेलू कामगारों (जैसे रसोइया, ड्राइवर, घरेलू सफाई करने वाले आदि) के योगदान को सकल घरेलू उत्पाद के अनुमान में शामिल किया जाएगा।
मंत्रालय के मुताबिक नई श्रृंखला में एकल अपस्फीति (कीमत में गिरावट) को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। वास्तव में विनिर्माण और कृषि जैसे क्षेत्रों में दोहरी अपस्फीति लागू की जाएगी। एकल और दोहरी अपस्फीति वास्तविक सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) की गणना करने की तकनीकें हैं, जिनमें मूल्य परिवर्तनों को हटा दिया जाता है। एकल अपस्फीति में एक सूचकांक का उपयोग किया जाता है। वहीं, दोहरी अपस्फीति में उत्पादन और कच्चे माल के लिए अलग-अलग, विशिष्ट सूचकांकों का उपयोग किया जाता है, जिससे अधिक सटीक माप प्राप्त होता है। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आधार वर्ष का संशोधन अभी भी जारी है। अद्यतन डब्ल्यूपीआई उपलब्ध होने तक मौजूदा डब्ल्यूपीआई का उपयोग किया जाता रहेगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

