जी. किशन रेड्डी ने एजेंसियों को लंबित खनन और अन्वेषण परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया

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जी. किशन रेड्डी ने एजेंसियों को लंबित खनन और अन्वेषण परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया


जी. किशन रेड्डी ने एजेंसियों को लंबित खनन और अन्वेषण परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया


नई दिल्ली, 25 मई (हि.स)। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सोमवार को बेंगलुरु में समीक्षा बैठकों के दौरान सभी खनन और अन्वेषण एजेंसियों को लंबित खनन और अन्वेषण परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया।

केंद्रीय मंत्री ने बेंगलुरु में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (जीएसआई), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ रॉक मैकेनिक्स (एनआईआरएम), इंडियन ब्यूरो ऑफ़ माइन्स (आईबीएम) और रिमोट सेंसिंग और एरियल सर्वे (आरएसएएस) डिवीज़न के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठकेन कीं। उन्होंने खान मंत्रालय के अधीन सभी खनन और अन्वेषण एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे लंबित परियोजनाओं में तेजी लाएं और भारत की खनिज सुरक्षा तथा रणनीतिक विकास लक्ष्यों को मजबूत करने के लिए 'मिशन-मोड' दृष्टिकोण अपनाएं। साथ ही उन्होंने आगे सभी संगठनों को स्पष्ट रूप से परिभाषित समय-सीमाओं, मापने योग्य परिणामों और अधिक जवाबदेही के साथ, एक समन्वित 'मिशन-मोड' दृष्टिकोण अपनाकर काम करने का निर्देश दिया।

उन्होंने अपने संबोधन में सभी संगठनों को अपने लंबित प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि टेक्नोलॉजी, पारदर्शिता और कार्यकुशलता हर संस्थागत प्रक्रिया की नींव बनें। रेड्डी ने आगे कहा कि भारत के लोग और भारत सरकार इस क्षेत्र में काम करने वाली हर एजेंसी से तेज़ी, जवाबदेही और स्पष्ट परिणामों की उम्मीद करते हैं। उन्होंने आगे सभी संगठनों को स्पष्ट रूप से परिभाषित समय-सीमाओं, मापने योग्य परिणामों और अधिक जवाबदेही के साथ, एक समन्वित 'मिशन-मोड' दृष्टिकोण अपनाकर काम करने का निर्देश दिया। मंत्री ने भारत के अन्वेषण इकोसिस्टम को मज़बूत करने में उन्नत तकनीकों, डेटा एकीकरण और वैज्ञानिक नवाचार के महत्व पर भी ज़ोर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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