स्विगी में विदेशी निवेश घटकर 50 फीसदी के नीचे आया

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स्विगी में विदेशी निवेश घटकर 50 फीसदी के नीचे आया


नई दिल्ली, 07 जुलाई (हि.स)। ऑनलाइन खाद्य आपूर्ति और त्वरित आपूर्ति की अग्रणी कंपनी स्विगी में विदेशी निवेश घटकर कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी के 50 फीसदी से नीचे 49.76 फीसदी पर आ गया है।

कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि स्विगी में कुल विदेशी निवेश 6 जुलाई, 2026 तक घटकर 49.76 फीसदी रह गया है, जिसके परिणामस्वरूप घरेलू स्वामित्व बढ़कर 50.24 फीसदी हो गया है। स्विगी में हुए कुल विदेशी निवेश में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई), प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और अन्य अप्रत्यक्ष विदेशी निवेश शामिल हैं।

स्विगी की हिस्सेदारी अनुपात में आया बदलाव ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब कंपनी ‘भारतीय स्वामित्व और नियंत्रण वाली फर्म’ (आईओसीसी) का दर्जा हासिल करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, कंपनी ने यह साफ किया है कि सिर्फ शेयर होल्डिंग 50 फीसदी पार होने से कंपनी का मालिकाना या नियंत्रण अपने आप नहीं बदल जाता।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि विदेशी हिस्सेदारी में आई गिरावट से उसके स्वामित्व या नियंत्रण की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। स्विगी ने कहा कि इसका कंपनी की शेयर पूंजी, प्रबंधन, कारोबार संचालन, मतदान अधिकार या इक्विटी शेयरों से जुड़े अधिकारों पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

स्विगी ने नियामकीय सूचना में कहा, “इस संबंध में कोई भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम लागू कानून के अनुरूप सार्वजनिक किया जाएगा।” आईओसीसी का दर्जा मिलने पर स्विगी की त्वरित आपूर्ति इकाई ‘इंस्टामार्ट’ को सीधे तौर पर स्टॉक रखने की अनुमति मिल सकती है, जिससे मार्जिन में सुधार और आपूर्ति शृंखला पर बेहतर नियंत्रण संभव होगा।

उल्लेखनीय है कि मई में स्विगी को अपने आंतरिक नियमों (आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन) में संशोधन के लिए आवश्यक शेयरधारक मंजूरी नहीं मिल पाई थी। इस बदलाव के जरिये कंपनी आईओसीसी का दर्जा पाना चाहती थी। स्विगी देश की अग्रणी ऑनलाइन खाद्य और त्वरित आपूर्ति (क्विक-कॉमर्स) कंपनी है। 2014 में स्थापित यह प्लेटफॉर्म 600 से अधिक शहरों में भोजन वितरण और स्विगी इंस्टामार्ट के जरिए 100 से अधिक शहरों में मिनटों में किराना सामान पहुंचाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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