एफआईयू-इंडिया ने नियमों का पालन न करने पर 15 विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म को नोटिस किए जारी
नई दिल्ली, 09 सितंबर (हि.स.)। देश की वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू-आईएनडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम-2002 की धारा 13 के तहत नियमों का पालन न करने के लिए 15 वर्चुअल डिजिटल एसेट्स सर्विस प्रोवाइडर्स (वीडीए एसपी) को नोटिस जारी किए हैं।
वित्त मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में बताया कि वित्तीय खुफिया इकाई-भारत ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम-2002 के प्रावधानों का पालन न करने के लिए 15 वीडीए एसपी को नोटिस जारी किए हैं। इन संस्थाओं में वीक्स, ब्लोफिन, रेजोरेक्स, बिटयूनिक्स , डिजीफाइनेंस, टूबीट, एक्सटी.कॉम, लाटोकन, वू एक्स, पायनिक्स, चेंज नाउ, सिंपल स्वैप, फिक्स्डफ्लोट, व्हाइटबीआईटी और गार्डेरियन शामिल हैं।
मंत्रालय ने बताया कि एफआईयू निदेशक ने भारत के सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत नोडल ऑफिसर के तौर पर नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में 15 संस्थाओं से जुड़े हुए ऐप्स और यूआरएल को सार्वजनिक पहुच से हटाने के लिए भी कहा गया है। मंत्रालय ने कहा कि ये प्लेटफॉर्म भारत के पीएमएलए से संबंधित नियमों का पालन किए बिना गैर-कानूनी तरीके से चल रहे थे।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक मार्च 2023 में वीडीए एसपी को धन शोधन निवारण अधिनियम-2002 के प्रावधानों के तहत धन शोधन विरोधी यानी आतंकवाद वित्तपोषण विरोधी (एएमएल/सीएफटी) ढांचे के दायरे में लाया गया था।
मंत्रालय ने कहा कि आम जनता की सुरक्षा और जागरूकता के लिए ये बताना जरूरी क्रिप्टो उत्पाद और एनएफटी अनियमित हैं, जो कि अत्यधिक जोखिम भरे हो सकते हैं। ऐसे लेन-देन से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए अभी कोई नियामक उपाय उपलब्ध नहीं हो सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

