फिच रेटिंग्स ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 6.4 फीसदी किया
नई दिल्ली, 09 जून (हि.स)। वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर का अनुमान 6.7 फीसदी से घटाकर 6.4 फीसदी कर दिया है। एजेंसी ने कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण अपने पिछले अनुमान से 0.3 फीसदी की कटौती की है।
रेटिंग एजेंसी फिच ने मंगलवार को जून की जारी अपनी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में कहा कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर धीमी रह सकती है, लेकिन घरेलू मांग और निवेश से कुछ समर्थन मिलेगा। फिच रेटिंग्स ने उम्मीद जताई कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर घटकर 6.4 फीसदी रह जाएगी, जो मार्च के अनुमान से 0.3 फीसदी कम है। रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू मांग वृद्धि का मुख्य आधार बनी रहेगी और वास्तविक संदर्भ में आयात कम होने से शुद्ध बाहरी मांग इस वृद्धि में सकारात्मक योगदान देगी।
रिपोर्ट के मुताबिक उच्च मुद्रास्फीति और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से वास्तविक आय पर दबाव बढ़ेगा, जिससे उपभोक्ता खर्च प्रभावित होगा। यह प्रभाव विशेष रूप से वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी एवं तीसरी तिमाही में ज्यादा दिखाई देगा। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से वैश्विक तेल कीमतों में तेजी आई है और इसका असर भारत सहित वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। फिच ने ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत के अनुमान को बढ़ाकर 87 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है, जो पहले 70 डॉलर प्रति बैरल था। इसके साथ ही पश्चिम एशिया संकट की वजह से 14 सप्ताह से बंद होर्मुज जलडमरूमध्य के जुलाई तक बंद रहने का ही अनुमान लगाया गया है।
हालांकि, रेटिंग एजेंसी ने कहा कि इस संकट के बावजूद भारत में महंगाई अभी ज्यादा नहीं बढ़ी है, लेकिन इस पर दबाव बढ़ रहा है। अप्रैल में थोक महंगाई दर 8.3 फीसदी और खुदरा महंगार्ठ दर 3.5 फीसदी रही। फिच रेटिंग ने अनुमान जताया कि साल के अंत तक महंगाई बढ़कर 5.3 फीसदी तक जा सकती है। इसका कारण ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी, आधार प्रभाव और संभावित कमजोर मानसून है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने पिछले हफ्ते ही वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.6 फीसदी रखा है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय अर्थव्यस्था 7.7 फीसदी की दर से बढ़ी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

