वित्त मंत्रालय विकसित भारत की रूपरेखा पर राज्यों के वित्त मंत्रियों, सचिवों का सम्मेलन करेगा आयोजित
नई दिल्ली, 17 सितंबर (हि.स.)। वित्त मंत्रालय 18-19 सितंबर को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों तथा वित्त सचिवों का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित करेगा। दो दिवसीय सम्मेलन में ‘विकसित भारत’ की विकास यात्रा के लिए नीतिगत प्राथमिकताओं और वित्तपोषण की जरूरतों पर भी चर्चा की जाएगी।
वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को जारी बयान में यह जानकारी दी। मंत्रालय के मुताबिक केंद्रीय वित्त एवं कंपनी मामलों के मंत्री इस सम्मेलन में उपस्थित रहेंगी। कई राज्यों के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री तथा राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी सममेलन में भाग लेंगे। मंत्रालय ने कहा कि उद्घाटन सत्र में आर्थिक कार्य विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर सम्मेलन के उद्देश्यों की जानकारी देंगी।
मंत्रालय के अनुसार ‘विकसित भारत की यात्रा के लिए वित्तपोषण’ विषय पर आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में केंद्र और राज्यों की नीतियों के बीच तालमेल तथा विकास के लिए वित्तपोषण की जरूरतों पर चर्चा की जाएगी। इसमें अकादमिक शोध और व्यावहारिक नीतिगत अनुभवों को भी चर्चा में शामिल किया जाएगा।
वित्त मंत्रालय के अनुसार सम्मेलन में तीन सत्र होंगे। इनमें वृहद आर्थिक विकास, कृषि क्षेत्र में बदलाव के लिए वित्तपोषण एवं ऊर्जा बदलाव के वित्तपोषण पर चर्चा होगी। इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ के अध्यक्ष एवं आजीवन न्यासी और 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह सम्मेलन को संबोधित करेंगे। महाराष्ट्र के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव और वित्त सचिव सुधीर श्रीवास्तव ‘विकसित भारत’ के वित्तपोषण को लेकर राज्य का दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे।
इसके अलावा सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के सचिव सौरभ गर्ग ‘विकसित भारत’ की यात्रा में वृद्धि के परिणामों को मापने के महत्व पर बात करेंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) के सचिव एस. कृष्णन अच्छे राजकाज को बढ़ावा देने में नई प्रौद्योगिकी की भूमिका पर विचार रखेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

