त्योहारी सीजन में हवाई किराये पर कोई सीमा तय नहीं, एयरलाइंस को किराया उचित रखने की सलाह

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त्योहारी सीजन में हवाई किराये पर कोई सीमा तय नहीं, एयरलाइंस को किराया उचित रखने की सलाह




- केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा, सुरक्षा चूक के बाद हब-एंड-स्पोक उड़ानों की व्यवस्था की गई मजबूत

नई दिल्ली, 22 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि सरकार आने वाले त्योहारों के मौसम में हवाई किराए की कोई सीमा तय नहीं करेगी, लेकिन एयरलाइंस कंपनियों को किराया उचित रखने की सलाह देगी। उन्होंने कहा कि ईंधन की लागत बढ़ने के कारण विमानन कंपनियों का परिचालन खर्च बढ़ गया है।

नागरिक उड्डयन मंत्री ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने वाली 'उड़ान' योजना के अगले चरण के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर के मौके पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए यह बात कही। नायडू ने बताया कि सरकार ने पहले भी त्योहारों या अहम मौकों पर कीमतों की स्थिति को संभाला है। उन्होंने कहा कि सरकार त्योहारी मौसम और महत्वपूर्ण आयोजनों के दौरान हवाई किराये की स्थिति पर नजर रखती है और एयरलाइन कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में रहती है।

नागर विमानन मंत्री इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या सरकार आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए हवाई किराये पर किसी तरह की कोई सीमा लगाएगी। नायडू ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतें बढ़ गई हैं। यह ईंधन किसी भी एयरलाइन के परिचालन खर्च का बड़ा हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि एटीएफ हवाई किराये का 40 से 43 फीसदी होता है और ईंधन की कीमत में मामूली बढ़ोतरी भी टिकट के दाम को सीधे प्रभावित करती है। नायडू ने कहा कि यह जरूरी नहीं कि त्योहारी समय या किसी अन्य वजह से हो, बल्कि मौजूदा संकट की स्थिति भी इसका कारण है।

नागर विमानन मंत्री ने कहा कि हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत संचालित उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर उसे मजबूत किया गया है, ताकि भविष्य में कोई चूक न हो। नायडू ने कहा कि 4 सितंबर को दिल्ली हवाई अड्डे पर हुई सुरक्षा चूक के मामले में नागर विमानन मंत्रालय ने एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

नायडू ने कहा कि सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है। इसके साथ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यात्रा को सुविधाजनक बनाना भी जरूरी है। यहीं पर हब-एंड-स्पोक मॉडल वाला परिचालन वजूद में आता है। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक विमानन केंद्र बनाने के लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल महत्वपूर्ण है। मंत्री ने कहा कि इस मॉडल के तहत तीन शहरों में हवाई परिचालन शुरू किया गया था और सुरक्षा चूक सामने आने के बाद मंत्रालय ने तत्काल कार्रवाई की गई।

उन्होंने कहा कि एयर इंडिया के साथ बैठक कर एयरलाइन की जांच और नियंत्रण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। नायडू ने बताया कि हब-एंड-स्पोक अंतरराष्ट्रीय उड़ान का संचालन अहमदाबाद, वाराणसी और अमृतसर हवाई अड्डों से शुरू किया गया है। इस व्यवस्था से छोटे शहरों से अंतरराष्ट्रीय संपर्क बढ़ाने, यात्रियों की सुविधा बेहतर करने और हवाई अड्डों के बेहतर इस्तेमाल में मदद मिलने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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