समय से पहले 70 फीसदी लोगों में सेवानिवृत्ति की चाह बढ़ी, लेकिन बचत की रफ्तार धीमी: एक्सिस मैक्स लाइफ सर्वे
नई दिल्ली, 16 सितंबर (हि.स.)। देश में शहरी क्षेत्रों के लोग अब पारंपरिक सेवानिवृत्ति उम्र से पहले ही कामकाजी जीवन से मुक्त होने की इच्छा रखते हैं। सेवानिवृत्ति की तैयारी भी पहले शुरू कर रहे हैं। हालांकि, उनकी आकांक्षा और वित्तीय तैयारी के बीच अभी काफी फासला बना हुआ है। भारत में जल्द रिटायरमेंट की चाहत बढ़ी है, 10 में से 7 शहरी जल्द सेवानिवृत्त होना चाहते हैं।
एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस और कांतार के बुधवार को जारी एक अध्ययन में यह बात सामने आई। इस अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक आयाम (परिवार और सामाजिक सहयोग) भी सेवानिवृत्ति की तैयारी में महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। अध्ययन के अनुसार छोटे शहरों में सेवानिवृत्ति की तैयारी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड ने कांतार के साथ मिलकर की गई अपनी सालाना 'भरोसा टॉक्स इंडिया रिटायरमेंट इंडेक्स स्टडी' के छठे एडिशन यानी आइरिस 6.0 के नतीजे जारी किए हैं। सर्वे के मुताबिक मझोले शहरों (टियर-2) में सूचकांक 2025 के 44 से बढ़कर 2026 में 48 हो गया। महानगरों में यह 50 और बड़े शहरों (टियर-1) में 48 रहा। वहीं, क्षेत्रों में पूर्वी भारत 52 अंक के साथ आगे रहा। पश्चिम और दक्षिण क्षेत्र 49-49 अंक के दूसरे स्थान पर रहे, जबकि उत्तर भारत ने 47 अंक हासिल किए हैं। दक्षिण भारत में स्वास्थ्य संबंधी तैयारी का स्तर 2025 के 43 से बढ़कर 47 हो गया।
एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड और कांतार द्वारा किए गए ‘भरोसा टॉक्स भारत सेवानिवृत्ति सूचकांक अध्ययन’ के छठे संस्करण के अनुसार करीब 10 में से सात शहरी भारतीय वित्तीय रूप से पूरी तरह से तैयार होने पर 58-60 साल की उम्र से पहले सेवानिवृत्त होना चाहते हैं। इनमें से आधे लोग 50 साल की उम्र से पहले ही वित्तीय स्वतंत्रता हासिल कर सेवानिवृत्त होना चाहते हैं।
इस सर्वे के अनुसार हालांकि, भारतीयों ने अपने लक्षित सेवानिवृत्ति कोष का औसतन केवल 28 फीसदी जुटाया है। इससे सेवानिवृत्ति को लेकर उनकी इच्छा और वास्तविक वित्तीय तैयारी के बीच अंतर का भी पता चलता है। इसमें 2026 में भारत का कुल सेवानिवृत्ति तैयारी सूचकांक 49 रहा है, जो 2025 के 48 और 2022 के 44 से अधिक है। वित्तीय तैयारी का स्तर मामूली सुधार के साथ 52 रहा है, जबकि स्वास्थ्य को लेकर तैयारी 46 पर स्थिर रही है। वहीं, भावनात्मक तैयारी का स्तर पिछले साल के 58 के मुकाबले 57 रहा।
एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुमित मदान ने कहा, ‘‘भरोसा टॉक्स आईआरआईएस 6.0 से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया है कि कई भारतीयों के लिए सेवानिवृत्त अब भी एक वित्तीय चुनौती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अध्ययन से पता चलता है कि सेवानिवृत्ति अब केवल एक निश्चित उम्र तक पहुंचने का विषय नहीं है, बल्कि वित्तीय स्वतंत्रता हासिल करने और अपनी पसंद से आगे का जीवन तय करने से जुड़ा है।’’
वहीं, कांतार की दक्षिण एशिया की प्रबंध निदेशक और मुख्य ग्राहक अधिकारी सौम्या मोहंती ने कहा, ‘‘भरोसा टॉक्स आईआरआईएस 6.0 से पता चलता है कि अलग-अलग पीढ़ियों और क्षेत्रों में ‘रिटायरमेंट प्लानिंग’ का तरीका बदल रहा है। युवा भारतीय अब सेवानिवृत्ति योजना जल्दी शुरू कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सेवानिवृत्ति की तैयारी में सेहत का ध्यान रखना भी अहम हो गया है।’’
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

