अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंचा कच्चा तेल, ब्रेंट क्रूड 87.54 डॉलर प्रति बैरल

WhatsApp Channel Join Now
अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंचा कच्चा तेल, ब्रेंट क्रूड 87.54 डॉलर प्रति बैरल


- डब्ल्यूटीआई क्रूड ने भी 81 डॉलर के ऊपर लगाई छलांग, सप्लाई प्रभावित होने की आशंका

नई दिल्ली, 14 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण करने की अमेरिका और ईरान की कोशिश की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है। इस तनाव की वजह से ब्रेंट क्रूड आज 87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर एक महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी आज 81 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ने आज 0.48 डॉलर प्रति बैरल की मामूली उछाल के साथ 83.78 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। दिन के कारोबार में इसकी कीमत पांच प्रतिशत से भी ज्यादा उछल कर 87.54 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई। हालांकि, बाद में इसकी कीमत में मामूली गिरावट भी आई। भारतीय समय के मुताबिक शाम छह बजे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 4.14 डॉलर प्रति बैरल यानी 4.97 प्रतिशत की तेजी के साथ 87.44 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ने 0.59 डॉलर प्रति बैरल की सामान्य बढ़त के साथ 78.73 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से आज के कारोबार की शुरुआत की। दिन के कारोबार में डब्ल्यूटीआई क्रूड कुछ देर के लिए फिसल कर कल के क्लोजिंग लेवल से भी नीचे 77.86 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक गिर गया। हालांकि थोड़ी देर बाद ही इसकी चाल में तेजी आ गई।

इस तेजी की वजह से भारतीय समय के अनुसार दोपहर 12 बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड पिछले चार सप्ताह के ऊपरी स्तर 80 डॉलर प्रति बैरल को भी पार कर गया। इसके बाद के अगले चार घंटे के कारोबार में डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत 81.27 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई। हालांकि बाद में इसके भाव में मामूली गिरावट भी दर्ज की गई। भारतीय समय के मुताबिक शाम छह बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड 81.16 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट ट्रेडिंग के अलावा फ्यूचर ट्रेडिंग में भी कच्चे तेल की कीमत में आज लगातार तीसरे दिन तेजी का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स सितंबर मे एक्सपायर होने वाले कॉन्ट्रैक्ट के लिए दो प्रतिशत बढ़कर 84.98 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं अगस्त डिलीवरी वाला डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स 2.12 प्रतिशत उछल कर 80.79 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है।

जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ रहे तनाव की वजह से एक बार फिर कच्चे तेल की सप्लाई पर संकट बढ़ाने की आशंका बन गई है। टीएनवी फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ तारकेश्वर नाथ वैष्णव का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने के बाद जिस तरह से दोनों देशों के बीच तल्खी बढ़ी है, उससे शांति की संभावनाएं काफी क्षीण हो गई हैं। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही पर 20 प्रतिशत टैक्स लगाने का ऐलान करने के बाद कच्चे तेल की कीमत में जोरदार तेजी का रुख बन गया है।

वैष्णव का कहना है कि क्रूड ऑयल की ग्लोबल सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा होर्मुज के रास्ते से ही निकलता है। खासकर, खाड़ी के देश से होने वाले कच्चे तेल की सप्लाई का 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसी स्थिति में अगर अमेरिका और ईरान की तनातनी की वजह से होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता बाधित हुआ, तो पूरी दुनिया में एक बार फिर कच्चे तेल की सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। इसी आशंका की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है।

तारकेश्वर नाथ वैष्णव का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमत भारत जैसे कच्चे तेल के आयातक देश के लिए चिंता की एक बड़ी वजह बन सकती है। जियो-पॉलिटिकल टेंशन की वजह से अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक तेज बनी रही तो भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट काफी बढ़ सकता है। इसके साथ ही इसकी वजह से फिस्कल डेफिसिट टारगेट भी हिट हो सकता है। इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमत भारतीय मुद्रा को कमजोर कर सकती है, महंगाई को बढ़ा सकती है और फॉरेन कैपिटल आउटफ्लो (विदेशी पूंजी की निकासी) को और भी ज्यादा बढ़ा सकती है। इसी तरह अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव से घरेलू शेयर बाजार में भी अनिश्चितता आ सकती है, क्योंकि सरकार को सब्सिडी, इंटरेस्ट रेट और रुपया-डॉलर एक्सचेंज रेट पर पड़ने वाले असर के बारे में कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

Share this story