रूस बना भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर, अंगोला से भी जम कर हुआ कच्चे तेल का आयात
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण खाड़ी के देशों से होने वाले क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) के आयात पर काफी बुरा असर पड़ा है। इस युद्ध के कारण खाड़ी देशों से होने वाले क्रूड ऑयल के आयात में लगभग 61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस तनाव के बीच इंडियन ऑयल रिफाईनरीज के लिए रूस एक बार फिर सबसे बड़ा ऑयल सप्लायर बन कर सामने आया है। इसी तरह अफ्रीकी देश अंगोला ने भी मार्च के महीने में खाड़ी के कई देशों को पीछे छोड़ कर भारत को जम कर क्रूड ऑयल की सप्लाई की है।
पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण मार्च महीने में भारत के कुल क्रूड ऑयल इंपोर्ट में फरवरी की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। खाड़ी देशों से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होने वाली क्रूड ऑयल की सप्लाई लगभग ठप हो गई है। पिछले दो महीने की अवधि में इस रास्ते से भारत के लगभग 10 जहाज ही निकल सके हैं।
ईरान कई बार भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट में फ्री पैसेज देने की बात कहता रहा है, लेकिन 18 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट पर करने की कोशिश कर रहे दो भारतीय जहाज पर हमला होने के बाद खतरा बढ़ गया है। जंग के जोखिम की वजह से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते भारत को होने वाले कच्चे तेल की सप्लाई में 61 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई है।
इस गिरावट की भरपाई के लिए अब भारतीय कंपनियों ने रूस से क्रूड ऑयल के इंपोर्ट को बढ़ा दिया है। फरवरी के मुकाबले मार्च के महीने में रूस से भारत का क्रूड ऑयल इंपोर्ट लगभग दोगुना हो गया है। मार्च में भारतीय कंपनियों ने रूस से रोजाना औसतन 22.50 लाख बैरल क्रूड ऑयल का इंपोर्ट किया। इस तरह अब भारत के टोटल क्रूड ऑयल इंपोर्ट में रूस की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत हो गई है।
पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण खाड़ी देशों से होने वाली क्रूड ऑयल की सप्लाई पर पड़ रहे प्रतिकूल असर को देखते हुए भारत सरकार ने अफ्रीकी देशों से भी क्रूड ऑयल का इंपोर्ट शुरू कर दिया है। मार्च के महीने में इंडियन ऑयल रिफाईनरीज ने अंगोला से भी जम कर क्रूड ऑयल का इंपोर्ट किया। बताया जा रहा है कि अप्रैल मई के महीने के लिए भी भारतीय कंपनियों ने अंगोला से सौदा कर लिया है। इसलिए आने वाले दिनों में भी अंगोला भारत के लिए एक प्रमुख क्रूड ऑयल सप्लायर बना रहेगा।
मार्च में क्रूड ऑयल के इंपोर्ट के आंकड़ों को देखें, तो इस महीने सबसे अधिक क्रूड ऑयल का इंपोर्ट रूस से हुआ, जबकि सऊदी अरब क्रूड ऑयल की सप्लाई के मामले में दूसरे स्थान पर रहा। वहीं अंगोला भारत को क्रूड ऑयल की सप्लाई करने के मामले में तीसरे स्थान पर आ गया। इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात क्रूड ऑयल की सप्लाई करने के मामले में चौथे स्थान पर पहुंच गया। इसके अलावा फरवरी तक भारत का दूसरा सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर रहा इराक मार्च के महीने में पांचवें स्थान पर आ गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

