केंद्र का राजकोषीय घाटा अगस्त तक चालू वित्त वर्ष के लक्ष्य के 41.9 फीसदी पर

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केंद्र का राजकोषीय घाटा अगस्त तक चालू वित्त वर्ष के लक्ष्य के 41.9 फीसदी पर


केंद्र का राजकोषीय घाटा अगस्त तक चालू वित्त वर्ष के लक्ष्य के 41.9 फीसदी पर


अप्रैल-अगस्त में केंद्र का राजकोषीय घाटा बढ़कर 7.10 लाख

करोड़ रुपये पर पहुंचा

नई दिल्ली, 30 सितंबर (हि.स.)। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों (अप्रैल-अगस्त) में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा 7,10,249 करोड़ रुपये यानी पूरे वित्त वर्ष के बजट लक्ष्य का 41.9 फीसदी पहुंच गया है।

महालेखा नियंत्रक (सीजीए) ने बुधवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी। आंकड़ों के मुताबिक केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों (अप्रैल-अगस्त) में 7.1 लाख करोड़ रुपये वित्त वर्ष के कुल लक्ष्य का 41.9 फीसदी रहा है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान (बीई) का 38.1 फीसदी था।

आंकड़ों के मुताबिक केंद्र सरकार के कुल व्यय और राजस्व के बीच का अंतर वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-अगस्त अवधि में 7,10,249 करोड़ रुपये रहा। (राजकोषीय घाटा सरकार की कुल कमाई और खर्च के बीच का अंतर होता है।) सीजीए के अनुसार अगस्त, 2026 तक केंद्र सरकार का शुद्ध कर राजस्व लगभग 8.38 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो वित्त वर्ष 2026-27 के कुल प्राप्तियों के बजट अनुमान का 29.2 फीसदी है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि में शुद्ध कर राजस्व उस साल के बजट अनुमान का 28.6 फीसदी था।

मासिक लेखा आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में केंद्र सरकार का कुल व्यय करीब 20.78 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो केंद्रीय बजट 2026-27 अनुमान का 38.9 फीसदी है, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि में यह 37.1 फीसदी रहा था।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक केंद्र सरकार को अगस्त, 2026 तक 13,67,709 करोड़ रुपये (कुल प्राप्तियों के 2026-27 के बजट अनुमान का 37.5 प्रतिशत) प्राप्त हुए हैं, जिसमें 8,37,921 करोड़ रुपये का कर राजस्व (केंद्र को निवल), 4,54,549 करोड़ रुपये का गैर-कर राजस्व और 75,239 करोड़ रुपये की गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। इस अवधि के दौरान केंद्र सरकार द्वारा करों के हिस्से के अंतरण के रूप में राज्य सरकारों को 5,90,391 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 60,243 करोड़ रुपये कम है।

मंत्रालय के मुताबिक केंद्र सरकार के द्वारा किया गया कुल व्यय 20,77,958 करोड़ रुपये (2026-27 के केद्रीय बजट अनुमान का 38.9 फीसदी) है, जिसमें से 15,68,009 करोड़ रुपये राजस्व खाते में और 5,09,949 करोड़ रुपये पूंजी खाते में हैं। कुल राजस्व व्यय में से 5,14,810 करोड़ रुपये ब्याज भुगतान के मद में हैं और 1,87,037 करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडी के मद में हैं।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 फीसदी यानी 16.96 लाख करोड़ रुपये पर सीमित रखने का लक्ष्य रखा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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