भारत कोकिंग कोल लिमिटेड का आईपीओ 9 जनवरी को खुलेगा, प्राइस बैंड 21–23 रुपये प्रति शेयर
मुंबई, 05 जनवरी (हि.स)। सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 09 जनवरी को खुलेगा। निवेशक इसमें निवेश के लिए 13 जनवरी तक बोली लगा सकते हैं। कंपनी ने इसके लिए मूल्य का दायरा (प्राइस बैंड) 21-23 रुपये प्रति शेयर तय किया है।
कंपनी ने सोमवार को एक बयान में बताया कि 10 रुपये फेस वैल्यू यह आईपीओ 09 जनवरी को खुलकर मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया एक दिन पहले 8 जनवरी को खुलेगी। इसके लिए मूल्य का दायरा (प्राइस बैंड) 21-23 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड का 1,071.11 करोड़ रुपये का यह इश्यू पूरी तरह से कोल इंडिया की ओर से 'ऑफर फॉर सेल' (ओएफएस) पर आधारित है। कंपनी ने इसके लिए अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) 2 जनवरी को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, झारखंड (रांची), पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और स्टॉक एक्सचेंजों के पास दाखिल किया था।
कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड का न्यूनतम बिड लॉट 10 रुपये अंकित मूल्य के 600 इक्विटी शेयर हैं, उसके बाद 600 इक्विटी शेयरों के गुणकों में बिड कर सकते हैं। बीसीसीएल आईपीओ का कुल इश्यू आकार 465,700,000 इक्विटी शेयरों तक है, जिसमें कोल इंडिया लिमिटेड (प्रमोटर सेलिंग शेयरहोल्डर) द्वारा 465,700,000 इक्विटी शेयरों तक की बिक्री का ऑफर शामिल है।
कंपनी के जारी बयान के मुताबिक इस निर्गम के तहत 46.57 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी। आवंटन की बात करें तो इश्यू का 50 फीसदी हिस्सा पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित है, जबकि 35 फीसदी गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) और शेष 15 फीसदी रिटेल निवेशकों के लिए सुरक्षित रखा गया है।
बीसीसीएल की लिस्टिंग कोयला क्षेत्र में सरकार की व्यापक विनिवेश रणनीति का हिस्सा है। इसका मकसद कोल इंडिया की सहायक कंपनियों के मूल्य को अनलॉक करना और परिचालन में पारदर्शिता को बढ़ावा देना है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का कुल मूल्यांकन ₹10,700 करोड़ से अधिक आंका गया है।
उल्लेखनीय है कि यह आईपीओ न केवल 2026 का पहला सार्वजनिक निर्गम होगा, बल्कि इसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के प्रति निवेशकों के रुझान को मापने के एक महत्वपूर्ण पैमाने के रूप में भी देखा जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

