असम की मशहूर जीआई टैग तेजपुर लीची की पहली खेप एपीडा के सहयोग से दुबई भेजी गई

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असम की मशहूर जीआई टैग तेजपुर लीची की पहली खेप एपीडा के सहयोग से दुबई भेजी गई


नई दिल्ली, 09 जून (हि.स)। असम की भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्राप्त प्रसिद्ध तेजपुर लीची की पहली निर्यात खेप एपीडा के सहयोग से दुबई भेजी गई है। इस पहल से किसानों को बेहतर बाजार और अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है, जबकि पूर्वोत्तर भारत के कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलने का रास्ता भी मजबूत हुआ है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) ने 7 जून को जीआई-टैग वाली तेजपुर लीची की पहली निर्यात खेप असम से दुबई के लिए रवाना की है। ये उत्तर पूर्वी क्षेत्र के कृषि उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार पहुंच के विस्तार में एक बड़ी उपलब्धि है। मंत्रालय ने बताया कि एक मीट्रिक टन की इस खेप में भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग वाली तेजपुर लीची शामिल थी, जो असम के सबसे प्रसिद्ध बागवानी उत्पादों में से एक है। यह लीची अपनी असाधारण मिठास, चमकीले लाल रंग, विशिष्ट सुगंध और उत्कृष्ट स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र में बॉम्बेया, बिलाती, इलायची, पियाजी और साही सहित कई उल्लेखनीय किस्में उगाई जाती हैं, जो अपने विशिष्ट स्वाद और गुणवत्ता के लिए सराही जाती हैं।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा कि असम की प्रसिद्ध जीआई-टैग प्राप्त तेजपुर लीची अब विदेशी बाजारों में अपनी मिठास बिखेर रही है। उन्होंने कहा कि एपीडा के सहयोग से तेजपुर लीची की पहली निर्यात खेप दुबई रवाना हुई। इस कदम से यहां की लीची को वैश्विक पहचान मिलेगी, किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और पूर्वोत्तर भारत के कृषि उत्पादों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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