भारत-मॉरीशस ने किया दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति समझौता, आईओसी आयात जरूरत पूरी करेगा

WhatsApp Channel Join Now
भारत-मॉरीशस ने किया दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति समझौता, आईओसी आयात जरूरत पूरी करेगा


भारत-मॉरीशस ने किया दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति समझौता, आईओसी आयात जरूरत पूरी करेगा


भारत-मॉरीशस ने किया दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति समझौता, आईओसी आयात जरूरत पूरी करेगा


नई दिल्ली, 22 अगस्त (हि.स.)। भारत और मॉरीशस ने ऊर्जा क्षेत्र में आपसी साझेदारी मजबूत करते हुए 5 साल के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अंतर्गत इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) मॉरीशस की पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) की आयात जरूरत को पूरा करेगा।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को जारी बयान में बताया कि केंद्रीय पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मॉरीशस की आधिकारिक यात्रा के दौरान 20-21 अगस्त को इस समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया। दोनों देशों के बीच तेल एवं गैस क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी हुआ है।

मंत्रालय ने कहा कि इसमें पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण और जैव ईंधन के क्षेत्र में सहयोग शामिल है। समझौते के तहत आईओसी मॉरीशस की पेट्रोल, हाईस्पीड डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) की पूरी आयात जरूरत पूरी करेगी। इस समझौते से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की प्रमुख ऊर्जा सुरक्षा साझेदार के रूप में भूमिका मजबूत होगी।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब वैश्विक ईंधन बाजार में संभावित आपूर्ति व्यवधानों के बीच देश अपनी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। पश्चिम एशिया क्षेत्र में जारी अस्थिरता ने भी ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा के महत्व को बढ़ाया है। वहीं, पश्चिम एशिया में जारी संकट के दौरान भी भारत ने नेपाल और भूटान को आपूर्ति की अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करना जारी रखा, जो क्षेत्र के लिए एक भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता के रूप में उसकी स्थिति को दर्शाता है।

भारत एक प्रमुख तेल शोधन केंद्र के रूप में उभरा है। देश की 23 रिफाइनरियों से हरेक साल लगभग 26.7 करोड़ टन परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन होता है। भारत परिष्कृत ईंधन का शुद्ध निर्यातक है। भारत पहले से अपने पड़ोसी देशों नेपाल और भूटान को पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करता है और क्षेत्र के अन्य देशों सहित विभिन्न बाजारों में भी बड़ी मात्रा में ईंधन का निर्यात करता है।

उल्लेखनीय है कि दोनों देशों के बीच यह समझौता सदी की शुरुआत से चली आ रही व्यावसायिक उपस्थिति पर आधारित है। इंडियन ऑयल ने 2001 में अपनी सहायक कंपनी इंडियन ऑयल (मॉरीशस) लिमिटेड के जरिए मॉरीशस के बाजार में भी अपनी सेवाएं शुरू की थी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

Share this story